तेजस्वी की याचिका पर आदेश सुरक्षित

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बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर गुजरातियों को लेकर दिए गए अपने बयान पर माफी मांग ली है. उनके बयान को अदालत की रिकार्ड पर लेते हुए शीर्ष अदालत ने यादव की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

याचिका में यादव ने अहमदाबाद की अदालत में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई गुजरात के बाहर, संभव हो तो दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है.

जस्टिस ए.एस. ओका और उज्जल भुइयां की पीठ ने फैसला सुरक्षित करते हुए कहा कि ‘हम मामले में फैसला पारित करेंगे. इससे पहले, पीठ ने 29 जनवरी को राजद नेता यादव को उनकी उस कथित टिप्पणी को वापस लेते हुए एक उपयुक्त बयान दाखिल करने का निर्देश दिया था. इसके लिए उन्हें एक सप्ताह का वक्त दिया था. इससे पहले, शीर्ष अदालत ने कहा था कि जब याचिकाकर्ता ने अपना बयान वापस ले लिया है तो फिर शिकायतकर्ता मामले को आगे क्यों बढ़ाना चाहता है. इसके बाद पिछली सुनवाई पर शिकायतकर्ता ने कहा था कि मामले में बयान वापस लेने के लिए दाखिल तेजस्वी यादव का हलफनामा स्पष्ट नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने यादव याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि शिकायत में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. गुजरात की अदालत ने पिछले साल अगस्त में अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 202 के तहत यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच की थी और एक स्थानीय व्यवसायी हरेश मेहता द्वारा दायर शिकायत पर उन्हें समन करने के लिए पर्याप्त आधार पाया था. शिकायत मेहता ने आरोप लगाया गया है कि तेजस्वी यादव पर मार्च 2023 में पटना में मीडिया से बात करते हुए आपत्तिजनक बयान दिया था.