राजभवन मेरी गिरफ्तारी में शामिल : हेमंत सोरेन

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पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर विधानसभा में कहा कि 31 जनवरी की काली रात का काला अध्याय देश के लोकतंत्र में नए तरीके से जुड़ा है. देश में पहली बार किसी मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री या किसी व्यक्ति की राजभवन के अंदर गिरफ्तारी हुई है.

सोरेन ने कहा कि ये पहली घटना है. इस घटना को अंजाम देने में कहीं न कहीं राजभवन भी शामिल रहा है. जिस तरीके से घटना घटी वह चकित करने वाली है. 2019 से ही इसकी पटकथा लिखी जा रही थी.

तो राजनीति व झारखंड छोड़ दूंगा : पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में कहा कि 8.5 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप साबित करके दिखा दें, तो वे राजनीति क्या झारखंड छोड़ देंगे. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नाम पर जमीन से संबंधित दस्तावेज दिखाएं और साबित करें.

 

हेमंत ने कहा कि समाज को जोड़ कर चलने का बाबा भीमराव आंबेडकर का सपना था, लेकिन उन्हें भी बौद्ध धर्म अपनाना पड़ा. ऐसा आदिवासियों के साथ भी होगा.

चंपाई ने विधानसभा में बहुमत हासिल किया

चंपाई सरकार ने झारखंड विधानसभा में अपना विश्वासमत हासिल कर लिया है. मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के विश्वास प्रस्ताव पर सदन में पक्ष में 47 वोट पड़े, जबकि इसके विरुद्ध विपक्ष में सिर्फ 29 विधायकों ने वोट डाले. इस तरह, झामुमो, कांग्रेस और राजद के गठबंधन में नई सरकार ने अपना बहुमत हासिल कर लिया. हेमंत सोरेन सहित तीनों दलों के 46 विधायकों और एक मनोनीत विधायक ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डाला. वहीं, विपक्ष की ओर से भाजपा के 25 (बाबूलाल मरांडी को मिलाकर), आजसू के तीन सुदेश महतो, लंबोदर महतो और सुनीता चौधरी और नेशनल कांग्रेस पार्टी के एक विधायक ने मत डाला.