बजट सत्र में सरकार हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार

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नई दिल्ली . सत्रहवीं लोकसभा के आखिरी संसद सत्र के पहले मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने कहा है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. हालांकि, विपक्ष ने सरकार की मंशा पर आशंका जताते हुए विरोधी नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई पर सवाल उठाए. अघोषित तानाशाही का आरोप लगाया.

बुधवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विभिन्न दलों के नेताओं से कहा कि वह 31 जनवरी से आरंभ हो रहे सत्र में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं. बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि बैठक में बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण रही.

रक्षा मंत्री और लोकसभा में सदन के उपनेता राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया. बैठक में उपस्थित नेताओं में कांग्रेस के नेता कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, द्रमुक के नेता टी आर बालू, शिवसेना के राहुल शेवाले, समाजवादी पार्टी के नेता एस टी हसन, जद(यू) के नेता राम नाथ ठाकुर और तेलुगु देशम पार्टी के जयदेव गल्ला शामिल थे.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि उन्होंने असम में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर हिंसक हमले का मुद्दा उठाया. तिवारी ने कहा, देश में अघोषित तानाशाही कायम है. कहा, केंद्र झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद जैसे विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग कर रही है.