DESH-विदेश

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल ने कहा युवाओं को न्याय दिलाएंगे

सिलीगुड़ी . कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने सरकार पर देशभर में नफरत और हिंसा फैलाने तथा गरीबों व युवाओं के हितों को नजरअंदाज करके बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करने का आरोप लगाया.

कांग्रेस नेता ने न्याय यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि नफरत फैलाने के बजाय, हमें प्यार का प्रसार करने और अपने युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में काम करना होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सशस्त्रत्त् बलों के लिए एक अल्पकालिक भर्ती योजना अग्निवीर को शुरू करके उन युवाओं का मखौल उड़ाया जो सशस्त्रत्त् बलों में शामिल होना चाहते थे.

नफरत के खिलाफ रास्ता दिखाए पश्चिम बंगाल राहुल ने अपने स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा, पश्चिम बंगाल एक विशेष स्थान रखता है. इसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वैचारिक लड़ाई का नेतृत्व किया. यह राज्य और बंगालियों का कर्तव्य है कि वे नफरत के खिलाफ लड़ने का एक रास्ता दिखाएं और वर्तमान परिस्थितियों में देश को एकसाथ बांधकर रखें. उन्होंने कहा, यदि आप मौके पर नहीं खड़े हुए तो लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे.

दो दिन विश्राम के बाद यात्रा फिर शुरू इससे पहले न्याय यात्रा दो दिन के विश्राम के बाद जलपाईगुड़ी जिले से फिर से शुरू हो गई.

कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के साथ एक एसयूवी गाड़ी में बैठकर राहुल जलपाईगुड़ी शहर से गुजरे और उन्होंने लोगों की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया. कांग्रेस की प्रदेश इकाई के एक नेता ने बताया कि यात्रा रातभर सिलीगुड़ी के पास रुकेगी. उन्होंने कहा कि सोमवार को यात्रा बिहार में प्रवेश करने से पहले उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर जाएगी.

निर्धारित कार्यक्रम के तहत यात्रा 31 जनवरी को मालदा के रास्ते पश्चिम बंगाल में दोबारा प्रवेश करेगी और मुर्शिदाबाद से गुजरने के बाद एक फरवरी को राज्य से रवाना होगी.

जाति गणना की घोषणा न्याय की दिशा में पहला कदम

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए.रेवंत रेड्डी और उनकी सरकार को जाति आधारित गणना कराने की घोषणा करने के लिए बधाई दी. राहुल ने इसे न्याय की ओर पहला कदम करार दिया. राहुल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी पोस्ट में कहा कि किसी भी समाज की सामाजिक और आर्थिक सेहत जाने बिना, उसके लिए सही योजनाएं बना पाना असंभव है और जातिगत जनगणना ही देश की समृद्धि में समाज के हर तबके की न्यायपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का उपाय है.

 

Related Articles

Back to top button