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बिहार भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व का मंथन

नई दिल्ली . भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लगातार दूसरे दिन बिहार में जदयू के साथ भावी रिश्तों और नई सरकार की संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया. भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के नेताओं को इस मामले पर किसी तरह की बयानबाजी न करने और इंतजार करने को कहा है.

निर्णय के बारे में बताया बिहार के सियासी घटनाक्रम के बीच भाजपा नेतृत्व ने गुरुवार रात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ लंबा विचार-विमर्श किया था. केंद्रीय नेतृत्व ने साफ किया था कि जदयू के साथ फिर गठबंधन होने की संभावनाएं और नई परिस्थितियों को लेकर पार्टी कुछ नए निर्णय भी ले सकती है.

खास सूत्र के जरिए संवाद सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व खास संवाद सूत्र के जरिए नीतीश के संपर्क में हैं और भावी गठबंधन को लेकर कई चीजे तय की जा रही हैं. इसमें नई सरकार का गठन, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल और लोकसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा भी शामिल है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले फॉर्मूले पर ही नई सरकार का गठन भी हो सकता है, लेकिन भाजपा पूरी तरह सतर्कता बरत रही है.

बैठक में मौजूद रह सकते हैं नड्डा पार्टी की प्रदेश कार्य समिति की बैठक भी शनिवार और रविवार को पटना में हो रही है. इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी हिस्सा ले सकते हैं.

जदयू की बैठक 28 को जदयू विधानमंडल दल की बैठक 28 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग पर होगी. मुख्यमंत्री नीतीश ने यह बैठक बुलाई है.

संशय दूर करें मनोज झा

राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि वर्तमान में जो मीडिया में बातें चल रही हैं, उसे असमंजस की स्थिति बनी हुई है. मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह इस संशय की स्थिति को दूर करें.

मुख्यमंत्री नीतीश असमंजस में नहीं जदयू

पटना में जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न पहले असमंजस में रहते थे, न आज असमंजस में हैं. नीतीश ने हमेशा ‘फ्रंट फुट’ की राजनीति की है. उन्होंने मीडिया से कहा कि हम लोग बिल्कुल सहज हैं. अगर, कोई असहज है तो वो जानें.

सहयोगी दलों को आश्वस्त किया

भाजपा ने अपने अन्य सहयोगी दलों को स्पष्ट किया है कि जदयू के साथ जाने पर भी उनका सम्मान बरकरार रहेगा. सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व ने अपने मौजूदा सहयोगी दलों के नेताओं चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, पशुपतिनाथ पारस, उपेंद्र कुशवाहा को आश्वस्त किया है कि लोकसभा सीटों के तालमेल में उनको भी उचित हिस्सेदारी दी जाएगी.

 

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