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कांग्रेस न्याय यात्रा से जातीय गणना को धार देगी

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ भाजपा ने लोकसभा चुनाव का एजेंडा तय कर दिया है. भाजपा चुनाव में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को पूरे जोर-शोर से भुनाएगी. वहीं, कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के तमाम घटकदलों ने भाजपा की इस रणनीति का मुकाबला करने के लिए अपने-अपने चुनावी मुद्दों को धार देनी शुरू कर दी है.

लोकसभा चुनाव में भाजपा से मुकाबले के लिए कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के मुताबिक, हम समाज के सभी तबकों की भागीदारी चाहते हैं. देश में 50 फीसदी ओबीसी, 15 प्रतिशत दलित और 12 फीसदी आदिवासी हैं. पर, शीर्ष पदों पर इनकी भागीदारी कम है. हम भागीदारी सुनिश्चित करेंगे. कांग्रेस शुरुआत से प्राण प्रतिष्ठा को राजनीतिक कार्यक्रम करार देती रही है. पार्टी आरोप लगाती रही है कि भाजपा इसका इस्तेमाल आगामी लोकसभा चुनाव में करेगी. शायद यही वजह है कि गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने देश को शक्ति देने वाले पांच स्तंभों का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इनको लेकर विस्तृत कार्यक्रम बनाया जा रहा है.

चुनावी चक्रव्यूह को भेदने की कोशिश करेगी पार्टी राहुल गांधी के मुताबिक, समाज में न्याय के यह स्तंभ युवा, न्याय, भागीदारी न्याय, नारी न्याय, किसान न्याय और श्रमिक न्याय है. मतलब यह है कि कांग्रेस इन मुद्दों को आधार बनाकर भाजपा के राम मंदिर को केंद्र में रखकर बनाए गए चुनावी चक्रव्यूह को भेदने की कोशिश करेगी. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को वैचारिक तरीके से लड़ना चाहती है.

सबसे बड़ा मुद्दा ओबीसी, बेरोजगारी और महंगाई राहुल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में भाजपा के एजेंडे के मुकाबले लोगों के सामने अपना एजेंडा रखेगी. हम लोगों को यह समझाएंगे कि राम मंदिर की आड़ में भाजपा ने किस तरह अपनी दस वर्ष की विफलताओं को छुपाया है. वह मानते हैं कि देश में सबसे बड़ा मुद्दा ओबीसी, बेरोजगारी और महंगाई है. कांग्रेस इन तीनों मूद्दों को पूरी शिद्दत से उठाएगी. इस बीच, पार्टी के अंदर यह मांग भी जोर पकड़ रही है कि सिर्फ जाति जनगणना के सहारे भाजपा से मुकाबला नहीं किया जा सकता. भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल गांधी ने इस मुद्दे को पूरी शिद्दत से उठाया था. हालांकि, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार का सामना करना पड़ा. इसलिए, उत्तर भारत में पार्टी को कुछ और मुद्दों की जरूरत होगी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के नाम पर लहर नहीं है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में जो हुआ वह एक राजनीतिक कार्यक्रम था. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि असम में उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में अवरोध पैदा करने का जितना प्रयास किया जा रहा उससे यात्रा को उतना ही प्रचार मिल रहा है.

कांग्रेस नेता ने ये वक्तव्य एक संवाददाता सम्मेलन में दिए. यह पूछे जाने पर कि राम लहर का मुकाबला करने के लिए क्या योजना है, तो राहुल ने कहा, ऐसी कोई बात नहीं है कि लहर है. कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की ओर से शो किया गया. वो सब ठीक है, अच्छी बात है लेकिन हम स्पष्ट हैं कि देश को मजबूत बनाने के लिए पांच न्याय की योजना हमारे पास है. यह हम सामने रखेंगे.

 

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