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रामलला का कर लीजिए पहला दर्शन, प्राण प्रतिष्ठा से पहले सामने आई तस्वीर

रामलला की भव्य प्रतिमा की पहली तस्वीर सामने आई है, जिसमें आप उनके पूर्ण स्वरूप के दर्शन कर सकते हैं. गुरुवार को ही रामलला गृभगृह में विराजे हैं और उनकी प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े आयोजन चल रहे हैं. सोमवार को दोपहर 12 बजे के करीब उनकी प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान के तौर पर मौजूद रहेंगे. इस भव्य प्रतिमा को अरुण योगीराज ने तैयार किया है. इस बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को एक बार फिर से अयोध्या पहुंचे और 22 जनवरी के आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया.

उन्होंने कहा कि अब 22 जनवरी तक लोग यहां न आएं और अपने घरों से ही रामलला के दर्शन करते हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह का हिस्सा बनें. सीएम ने कहा कि 23 जनवरी से लोगों का यहां स्वागत रहेगा और शासन एवं प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कर रखी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग भाव विह्वल हैं और बड़ी संख्या में तो लोग पैदल ही अयोध्या के लिए चले आ रहे हैं. मैं उनकी भावनाओं का सम्मान करता हूं, लेकिन मेरी अपील है कि इस तरह की शीतलहर में पैदल न आएं. आप सभी के आगमन के लिए पूरी व्यवस्था की जा रही है.

सीएम योगी बोले- पैदल न आएं, सबके लिए होगी साधन की व्यवस्था

हर जिले एवं अन्य राज्यों तक से बसें चलाई जाएंगी. ट्रेनों आदि की भी व्यवस्था रहेगी. ऐसे में तय कार्यक्रम के तहत ही समय से आएं और रामलला के विधिवत दर्शन करें. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामलला के स्वागत में पूरे देश में ही उत्सव का माहौल है. अयोध्या में तैयारियां अंतिम चरण में चल रही हैं. मेहमानों के लिए पूरी उमंग और उत्साह के साथ इंतजाम किए गए हैं. बता दें कि रामलला की प्राणा प्रतिष्ठा समारोह के लिए देश भर से 10 हजार लोगों को आमंत्रित किया गया है. इन लोगों में राजनीतिक हस्तियों के अलावा अंबानी, अडानी, टाटा और बिड़ला जैसे दिग्गज कारोबारी शामिल हैं तो वहीं फिल्म और खेल जगत की हस्तियों को भी न्योता दिया गया है.

25 जनवरी से रामलला के दर्शन के लिए होंगे खास इंतजाम

बता दें कि अयोध्या में 20 से 22 जनवरी तक आम लोगों के लिए आने पर रोक लगाई गई है. इस दौरान प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रहेगा. वहीं उसके बाद 25 जनवरी से मार्च तक विशेष अभियान चलेगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग भगवान राम के दर्शन कर सकें. गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पिछले दिनों अपने मंत्रियों को सलाह दी थी कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों की अयोध्या जाने में मदद करें और इस पर किसी भी तरह की राजनीति से बचें. किसी के भी उकसावे वाले बयानों पर तीखा जवाब न दें बल्कि आस्था दिखाएं.

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