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लक्षद्वीप में पर्यटन को प्रोत्साहन से मालदीव में तूफान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे पर मालदीव के मंत्रियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों से भारतीयों का पारा चढ़ गया. सोशल मीडिया पर फिल्मी और खेल हस्तियों से लेकर आम लोगों तक ने इसके खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मालदीव की बजाए लक्षद्वीप की सैर करने का समर्थन किया. कई फिल्मी हस्तियों ने तो जल्द ही लक्षद्वीप जाने का इरादा भी जताया है.
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने सुलभ हवाई यात्रा के लिए केंद्र की बड़ी योजना होने की बात कही है. पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, आकाश चौपड़ा, अभिनेता सलमान खान, अक्षय कुमार और अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने एक्स पर लक्षद्वीप में पर्यटन का समर्थन किया है.
पीएम मोदी की तरह कई हस्तियां भी भारत के इस शहर का नाम ले रही हैं और पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रही हैं. एक्स पर पोस्ट कर लोगों से अनुरोध कर रहे हैं कि विदेश की सैर करने से ज्यादा भारत की जगहों को एक्सप्लोर करें और भारतीय पर्यटन को बढ़ावा दें. पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप को मालदीव का वैकल्पिक पर्यटन स्थल कहना शुरू किया. इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पर प्रतिक्रिया देने लगे. उन्होंने भी लक्षद्वीप की खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं.
25 हजार पर्यटक पहुंचे लक्षद्वीप के पर्यटन एवं स्पोर्ट्स विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल लक्षद्वीप में तकरीबन 25 हजार पर्यटक पहुंचे थे. इस बार और अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है.
1. 17 नवंबर, 2018 को पीएम मोदी तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. उनके साथ द्विपक्षीय वार्ता की. पीएम मोदी ने मालदीव की विकासात्मक प्राथमिकताओं को साकार करने के लिए मिलकर काम करने इच्छा व्यक्त की. सोलिह ने पदभार संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत का दौरा किया. भारत ने 1.4 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता की घोषणा की.
2. 1988 से रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच सहयोग का प्रमुख क्षेत्र रहा है. भारत मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के लिए सबसे बड़ी संख्या में प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करता है. विदेश मंत्रालय के एक दस्तावेज में कहा गया है कि यह उनकी रक्षा प्रशिक्षण आवश्यकताओं का करीब 70 प्रतिशत पूरा करता है. पिछले 10 वर्षों में भारत ने 1,500 से अधिक एमएनडीएफ को प्रशिक्षित किया है.
इंडिया आउट चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा था. मालदीव ने इसके लिए मतदान किया. अब हम पर निर्भर है कि हम बुद्धिमानी से चयन करें. – आकाश चोपड़ा, पूर्व क्रिकेटर
3. मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) भारत द्वारा आयोजित मानवीय सहायता और आपदा राहत, खोज और बचाव, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य अभ्यासों में सक्रिय रूप से भाग लेता है. नई दिल्ली ने 2016 में एमएनडीएफ तट रक्षक को प्रदूषण फैलाने वाला उपकरण प्रदान किया था.
4. भारत ने मालदीव में कई विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित किया है. इसमें इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल भी शामिल है, जिसे 1995 में भारतीय अनुदान से बनाया गया था. अस्पताल का नवीनीकरण 2017 में मोदी सरकार के तहत भारत की सहायता से पूरा किया गया था.
अच्छे-बुरे समय में हमेशा साथ खड़ा रहा भारत
भारत हमेशा मालदीव के अच्छे और बुरे समय में उसके साथ खड़ा रहा है. वर्ष 1965 में भारत अपनी स्वतंत्रता के बाद इस द्वीप राष्ट्र को मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था. इसके साथ ही उसने राजनयिक संबंध भी स्थापित किए. 1988 में अब्दुल्ला लुथुफी के तख्तापलट के प्रयास को विफल करने के लिए भारत मालदीव की मदद के लिए आगे आया. उसने श्रीलंकाई आतंकवादी समूह एलटीटीई द्वारा समर्थित तख्तापलट को बेअसर कर दिया. मालदीव तकनीकी शिक्षा संस्थान 12 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ.

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