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कांग्रेस ने बदला राहुल गांधी की यात्रा का नाम

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू होने वाली राहुल गांधी की यात्रा का नाम बदलकर अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर दिया है. हिंसा से प्रभावित मणिपुर की राजधानी इंफाल से 14 जनवरी को शुरू होने वाली यह यात्रा 15 राज्यों से गुजरती हुई 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी. इस यात्रा के लिए कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के सभी दलों को न्योता दिया है.
यात्रा के मार्ग को अंतिम रुप देने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई प्रदेश अध्यक्षों, विधायक दल के नेताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से यात्रा का नाम बदलने का फैसला किया है. ताकि भारत जोड़ो यात्रा के संदेश को आगे बढ़ा सकें. इस यात्रा में इंडिया गठबंधन में शामिल दलों और नेताओं को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि नेताओं को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं. गठबंधन के नेताओं से बात भी हो रही है. इसके साथ उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा की तरह नागरिक संगठनों और देशवासियों से इस यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है.
पंद्रह राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी
लोकसभा चुनाव से ठीक तीन माह पहले शुरू होने वाली यह यात्रा 15 राज्यों के 110 जिलों से गुजरती हुई 6713 किमी का सफर तय करेगी. यात्रा के दौरान राहुल गांधी करीब सौ लोकसभा सीट और लगभग 337 विधानसभा सीट को कवर करेंगे. इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल गांधी 14 राज्यों से गुजरते हुए 145 दिन में करीब 3700 किलोमीटर पदयात्रा की थी.
यूपी में सबसे लंबा सफर
भारत जोड़ो न्याय यात्रा सबसे ज्यादा वक्त और सफर उत्तर प्रदेश में तय करेगी. प्रदेश में यात्रा 11 दिनों में 1074 किलोमीटर का सफर तय करेगी. इस दौरान यह 20 जिलों से गुजरेगी. इसमें लखनऊ, अमेठी, रायबरेली और वाराणसी शामिल हैं. इसके बाद झारखंड में आठ दिन में 13 जिलों से गुजरते हुए 804 किलोमीटर, मध्य प्रदेश में सात दिन में 9 जिलों से गुजरते हुए 698 किलोमीटर का सफर तय करेगी. यात्रा सबसे कम वक्त मेघालय में रहेगी. मेघालय में यात्रा सिर्फ पांच किलोमीटर का सफर तय करेगी.

ज्यादातर हिस्सा बस से पूरा होगा
यात्रा का मार्ग की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा 14 जनवरी को इंफाल से शुरू होगी. यह यात्रा हाईब्रिड होगी और इसका ज्यादातर हिस्सा बस से पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन आठ से दस किमी पदयात्रा और 70 से 80 किलोमीटर बस से यात्रा की जाएगी.

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