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मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं

नई दिल्ली . सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस नेत्री महुआ मोइत्रा को संसद के निचले सदन से निष्कासित किए जाने को लेकर चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर बुधवार को सुनवाई की. कोर्ट ने मोइत्रा को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें संसद की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देने की मांग को फिलहाल ठुकरा दिया.

शीर्ष अदालत ने कहा, मोइत्रा को अंतरिम तौर पर सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति देना लोकसभा की सदस्यता खत्म करने के लिए चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करने के समान होगा. जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए मोइत्रा की याचिका पर लोकसभा के महासचिव से जवाब मांगा है. पीठ ने लोकसभा अध्यक्ष और आचार समिति को नोटिस जारी करने से इनकार कर दिया.

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ को बताया, आचार समिति की रिपोर्ट में उनके मुवक्किल मोइत्रा के खिलाफ एकमात्र ठोस निष्कर्ष यह था कि उन्होंने अनधिकृत रूप से अपने एमपी पोर्टल के लॉगिन क्रेडेंशियल तीसरे पक्ष के साथ साझा किए. उन्होंने पीठ को बताया कि यह कई सांसदों द्वारा अपनाई जाने वाली एक मानक प्रथा है, जो पोर्टल पर सवाल अपलोड करने को अपना काम सचिवों और सहायकों को सौंपते हैं. जस्टिस खन्ना ने कहा, क्या आप यह स्वीकार करते हैं कि आपके मुवक्किल ने पासवर्ड साझा किया? सिंघवी ने कहा, जैसा कि हर सांसद कई सचिवों या लोगों के साथ करता है, जिन्हें वे काम सौंपते हैं.

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