मुकेश अंबानी टेलिकॉम के बाद अब मीडिया और एंटरटेनमेंट की दुनिया में तहलका मचाने की तैयारी में

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देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज  के मालिक मुकेश अंबानी ने एंटरटेनमेंट जगत का सबसे बड़ा सौदा हथिया लिया है. इसके सौदे के पूरा हो जाने के बाद रिलायंस भारत की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी बन जाएगी. रिलायंस और वॉल्ट डिजनी के बीच एक नॉन-बाइडिंग एग्रीमेंट साइन किया गया है. इसके तहत वॉल्ट डिजनी के भारतीय कारोबार का 51 फीसदी रिलायंस का हो जाएगा. दोनों कंपनियों के एक हो जाने के बाद देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी जन्म लेगी.

देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी होगी रिलायंस-डिजनी

रॉयटर्स और ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, एंटरटेनमेंट बिजनेस (Entertainment Business) का यह सबसे बड़ा मर्जर फरवरी, 2024 तक पूरा हो सकता है. रिपोर्ट में बताया गया कि मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस को इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी और 49 फीसदी हिस्सा डिजनी का होगा. इस मर्जर में कैश और स्टॉक्स दोनों शामिल हैं. इसके पूरा होने के साथ ही रिलायंस-डिजनी देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी (Biggest Entertainment Company) बन जाएगी. रॉयटर्स ने दो हफ्ते पहले बताया था कि दोनों कंपनियों के अधिकारी इस सौदे पर बात करने के लिए लंदन में मिलने वाले हैं.

अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, जी और सोनी की चिंता बढ़ेगी

आरआईएल और वॉल्ट डिजनी के मर्जर से जी नेटवर्क, सोनी टीवी, अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स को सीधी टक्कर मिलेगी. मौजूदा समय में आरआईएल की जिओ कई ऐप्स के और विआकॉम18 के साथ मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में मौजूद है.

जिओ सिनेमा और डिजनी हॉटस्टार में चल रही थी टक्कर

इस मर्जर में जियो सिनेमा (Jio Cinema) को भी शामिल किया गया है. इसके पास आईपीएल (Indian Premier League) के ऑनलाइन राइट्स हैं. इससे पहले यही राइट्स डिजनी हॉटस्टार (Disney Hotstar) के पास थे. इस सेक्टर में अंबानी को टक्कर डिजनी से ही मिल रही थी. आईपीएल के ऑनलाइन राइट्स जाने के बाद से ही डिजनी हॉटस्टार के यूजर्स घटने लगे थे.

भारतीय कारोबार को बेचना चाहती थी डिजनी

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2023 से ही डिजनी अपने भारतीय कारोबार को बेचने या ज्वाइंट वेंचर के लिए किसी भारतीय कंपनी को पार्टनर बनाने की कोशिश में जुटी थी. डिजनी के कई टीवी चैनल और हॉटस्टार स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी है. मर्जर के बाद दोनों कंपनियां पार्टियां मिलकर 1 से 1.5 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है.

अगले महीने हो सकता है ऐलान

इस मर्जर का ऐलान अगले महीने की शुरुआत में हो सकता है. प्रस्ताव के तहत, किसी भी नकद और स्टॉक स्वैप लेनदेन के पूरा होने के बाद डिजनी भारतीय कंपनी में माइनॉरिटी शेयर जरूर रखेगी.