राहुल गांधी ने कहा- संसद की सुरक्षा में चूक गंभीर पर असल वजह बेरोजगारी

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नई दिल्ली . ‘इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इंक्लूसिव एलायंस’ (इंडिया) ने एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ ताल ठोक दी है. संसद की सुरक्षा में चूक पर केंद्रीय गृहमंत्री के बयान की मांग पर 146 सांसदों के निलंबन के खिलाफ गठबंधन ने शुक्रवार को राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में राकांपा, राजद, जेडीयू, द्रमुक और जेएमएम सहित कई पार्टियों के नेता शामिल हुए.

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में बोलने की आजादी खत्म हो रही है और युवा बेरोजगार होते जा रहे हैं. उन्होंने संसद की सुरक्षा में चूक का मुद्दा उठाते हुए कहा, सवाल यह भी है कि इन युवाओं ने विरोध क्यों जताया? इसकी मुख्य वजह बेरोजगारी है.

सरकार पर रोजगार न देने का आरोप लगाया राहुल ने दावा किया कि एक युवा दिन में साढ़े सात घंटे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और मेल पर रहता है. युवा इतना वक्त इसलिए सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं, क्योंकि सरकार ने उन्हें रोजगार नहीं दिया. इसके साथ उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता दोहराते हुए कहा कि भाजपा जितनी नफरत फैलाएगी, हम उतनी मोहब्बत और एकता फैलाएंगे.

जनता का मुंह बंद किया निलंबित सांसदों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि वे हिंदुस्तान की आवाज हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ 146 सांसदों का अपमान नहीं किया, बल्कि 60 फीसदी जनता का मुंह बंद कर दिया.

एकजुटता का दावा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हैं. उन्होंने कहा, यह बात सुनकर बहुत धक्का लगा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोग कहते हैं कि वह किसी जाति से संबंध रखते हैं और उनका अपमान किया गया. खड़गे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर उनकी यह हालत तो मेरे जैसे दलित की क्या स्थिति होगी. इसके साथ उन्होंने नए आपराधिक कानून विधेयक संसद से पारित करने पर भी सरकार को घेरा.

आप नेता भी शामिल हुए संसद में विपक्षी सांसदों के निलंबन के विरोध में शुक्रवार को जंतर मंतर पर विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के कई नेता शामिल हुए. इस दौरान आप नेताओं ने केंद्र पर निशाना साधा.

राजद ने निलंबन को लोकतंत्र की हत्या बताया

राजद नेता मनोज झा ने 146 सांसदों के निलंबन को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब विदेश जाते हैं, तो सीना ठोककर कहते हैं कि वह ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ से आए हैं. सांसदों को निलंबित कर अब क्या प्रधानमंत्री यह बात कह पाएंगे. इसके साथ ही झा ने दोहराया कि विपक्षी दल एकजुट हैं.