भिलाई के मैत्री बाग में रायल बंगाल टाइगर सहित 6 नए मेहमान लाएंगे

एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पहले लाए गए थे वन्य प्राणियों को, इस जू में हैं 9 सफेद बाघ

BHILAI. भिलाई के मैत्री बाग (Maitri bagh) में लगातार वन्य प्राणियों का कुनबा बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में इस साल नवंबर तक 6 नए मेहमान आएंगे। इनमें रायल बंगाल टाइगर, लायन और मगरमच्छ शामिल हैं। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आने वाले अन वन्य प्राणियों के बदले मैत्री बाग से सफेद बाघ का एक जोड़ा दिया जाएगा। दरअसल, मैत्री बाग ने एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अंतिम 2016 यानी 7 साल पहले मध्यप्रदेश के मुकुंदपुर (रींवा) जू को वन्य प्राणी भेजे थे। इनमें सफेद बाघ का एक जोड़ा, 3 संभार दिए गए थे। चूंकि मुकुंदपुर जू नया स्थापित हो रहा था।

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इस वजह से मैत्री बाग को वन्य प्राणी नहीं मिल पाए थे। इसके बाद कोरोना काल की वजह से एक्सचेंज प्रोग्राम बंद था। मैत्री बाग में वाइट टाइगर की संख्या बढ़ने के बाद जू प्रबंधन अब इनके बदले अपने यहां नए वन्य प्राणी लाने की दिशा में काम कर रहा है। अगले सप्ताह रायपुर में जू अथारिटी के अफसरों के साथ बैठक की जाएगी, जिसमें मैत्री बाग की डिमांड को रखा जाएगा। साथ उसके बदले में दिए जाने वाले वन्य प्राणी की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

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मैत्री बाग जू प्रबंधन अब तक 5 सफेद बाघ देश के अन्य जून को उपलब्ध करा चुका है। बता दें कि मैत्री बाग में अभी 399 वन्य प्राणी हैं। इनमें 9 वाइट टाइगर के साथ-साथ, लायन, तेंदुआ, हिरण, घड़ियाल, नील गाय जैसे कई वन्य प्राणी शामिल है। 2014 के बाद से जू में देश के अन्य हिस्से से कोई नया वन्य प्राणी नहीं लाया गया है।

सफेद बाघ के तीन शावकों को केज में छोड़ा गया

जानकारी के अनुसार मैत्री बाग में साढ़े तीन महीने पहले सफेद बाघ सुलतान और रक्षा ने तीन नए शावक को जन्म दिया। इसके बाद बाग में सफेद बाघ की संख्या बढ़कर 9 हो गई। इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए जू प्रबंधन ने एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत देश के दूसरे जू से उन वन्य प्राणियों की योजना बनाई जो मैत्री बाग में नहीं है। वहीं, मैत्री बाग में नए मेहमान सफेद बाघ के तीन शावकों को 15 अगस्त को नामकरण के साथ ही केज में छोड़ दिया गया। इस दौरान उनकी सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है।

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