बस्तर में कायकिंग का रोमांच… कांगेर नदी में केवल 100 रुपए में चला सकेंगे नाव

पर्यटकों को धुड़मारास में ही होम स्टे की सुविधा भी अलग से मिलेगी

JAGDALPUR. Thrill of Kayaking in Bastar… Can run boat in Kanger river for only 100 rupees. बस्तर में एक बार फिर कायकिंग का रोमांच शुरू हो गया हैँ। दरअसल, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के दायरे में आने वाले धुड़मारास में ईको विकास समिति ने कयाकिंग की शुरुआत की है। बस्तर आने वाले पर्यटकों को अब एक नया रोमांच का अनुभव मिलेगा। दरअसल, धुड़मारास से लगी कांगेर नदी में इसकी शुरुआत हुई।

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इस उद्यान के निदेशक धम्मशील गणवीर ने बताया कि ईको टूरिज्म में कयाकिंग एक नया आयाम जोड़ेगा। स्थानीय लोगों ने इसके संचालन की जिम्मेदारी उठाई है। कयाकिंग के लिए प्रतिव्यक्ति 100 रुपए का शुल्क रखा गया है। इसके साथ ही पर्यटकों को धुड़मारास में ही होम स्टे की सुविधा भी अलग से मिलेगी।

ऐसे पहुंच सकते हैं धुड़मारास

जगदलपुर जिला मुख्यालय से गीदम रोड होते हुए केशलूर चौक से दरभा रोड पर लोगों को जाना होगा। यहां से पेदावाड़ा बैरियर होते हुए धुड़मारास पहुंचा जा सकता है। जगदलपुर से धुड़मारास की दूरी करीब 40 किमी है।

ये हैं फायदे भी

  • पीठ, चेस्ट और कंधों के लिए भी कायाकिंग बहुत फायदेमंद माना जाता है। पैडल उठाने से लेकर पैडल के माध्यम से कयाक को आगे बढ़ाने में जो कसरत हाती है उससे अपर बॉडी, पीठ और कंधों में मजबूती आती है।
  • कायाकिंग में पैर, हाथ और धड़ तीनों का ही प्रयोग होता है। इसलिए इसका असर भी इन तीनों पर पड़ता है। यानी इन्हें मजबूती मिलती है।
  • पैडलिंग एक लो इम्पैक्ट एक्टिविटी है। इसलिए ज्वॉइंट और टिशू को नुकसान नहीं पहुंचता है।
  • यह एक तरह की एक्सरसाइज होने के साथ ही मेडिटेशन का भी अच्छा जरिया है।
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