प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में जैमोलॉजी का कोर्स शुरू, अगले हफ्ते से लगेंगे कक्षाएं

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एक साल का होगा कोर्स, सिलेबस भी तैयार

रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में एक नया कोर्स शुरू हो गया है। करीब करीब पांच साल के इंतजार के बाद पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में इस साल जैमोलॉजी यानी रत्न विज्ञान की पढ़ाई शुरू हो रही है। पिछले साल इस कोर्स में एक भी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया था। इस वजह से पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई थी। लेकिन इस साल अभी तक 9 सीटों में एडमिशन हो गया है। इसलिए अगले हफ्ते से क्लास भी शुरू हो जाएगी।

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कोर्स शुरू करने के बावजूद छात्रों के एडमिशन नहीं लेने की वजह से विवि प्रबंधन के सामने परेशानी बढ़ गई थी। लेकिन इस बार 10 में 9 सीटों में प्रवेश हो चुका है। इसलिए इस कोर्स को शुरू किया जा रहा है। राज्य में संभवतरू रविवि पहला सेंटर है जहां जैमोलॉजी की पढ़ाई शुरू हो रही है।

इस साल 10 सीटों में प्रवेश के लिए 24 फार्म जमा हुए थे। शुरुआत में सभी सीटों में प्रवेश की उम्मीद थी लेकिन अंतिम समय में छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया। इस वजह से एक सीट खाली रह गई। छात्रों के प्रवेश लेने की वजह से अब यहां प्रैक्टिकल लैब भी बनाया जा रहा है। प्रोफेसरों का दावा है कि कुछ ही दिनों में प्रैक्टिकल के लिए लैब तैयार हो जाएगा।

जैमोलॉजी का कोर्स एक साल का होगा। इसका सिलेबस तैयार कर लिया गया है। थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल पर जोर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि समय की जरूरत के अनुसार कोर्स को डिजाइन किया गया है। छात्रों की दिलचस्पी बढ़ने के बाद इसकी सीटों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है। रत्न विज्ञान की पढ़ाई के लिए विवि के शिक्षकों के अलावा अलग-अलग एक्सपर्ट की भी मदद ली जाएगी।

रिमोट सेंसिंग की पढ़ाई भी

रविवि में इस बार रिमोट सेंसिंग और ज्योग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) की पढ़ाई भी शुरू की जा रही है। दो साल पहले यह कोर्स शुरू किया गया था। लेकिन इस कोर्स में छात्रों के प्रवेश नहीं लेने की वजह से इसकी कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई थी। इस बार इस कोर्स में भी 9 छात्रों के दाखिले हुए हैं। अगले हफ्ते से इसकी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

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